GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

   

Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन Textbook Exercise Important Questions and Answers.

भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन Class 9 GSEB Solutions Social Science Chapter 4

GSEB Class 9 Social Science भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के मुद्दासहित उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
बहिष्कार आन्दोलन और स्वदेशी आन्दोलन के स्वरूप और परिणामों की चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
भारत में सन् 1905 के बंगाल विभाजन आन्दोलन के साथ-साथ बहिष्कार और स्वदेशी आन्दोलन चले ।

  • अंग्रेजों की ‘फूट करो और राज करो’ की कूटनीति के कारण बहिष्कार और स्वदेशी आन्दोलन को गति मिली ।
  • 16 अक्टूबर, 1905 को बंगाल विभाजन लागू किया, इसे भारत में राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया ।
  • इसी दिन विदेशी माल के बहिष्कार और स्वदेशी के उपयोग को प्रोत्साहन देने का प्लान किया गया ।
  • इस आन्दोलन के तीन महत्त्वपूर्ण लक्षण थे, जिनमें (1) स्वदेशी अपनाना (2) विदेशी का बहिष्कार करना (3) राष्ट्रीय शिक्षा अपनाना ।

प्रभाव:

  • स्वदेशी आंदोलन से भारत को खूब लाभ हुआ जबकि विदेशी बहिष्कार से इंग्लैण्ड के व्यापार को बड़ा झटका लगा ।
  • इंग्लैण्ड से चीनी, सिगरेट, तंबाकू, कपड़ा का आयात बंद हो गया और भारत में बने कपड़ें की बिक्री बढ़ गई ।
  • स्वदेशी माल बनाने के कारखाने शुरू हुए ।
  • बंगाल के साथ पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मुंबई तथा मद्रास आदि प्रांतों में इसका प्रभाव पड़ा ।
  • स्वदेशी की गूंज ब्रिटिश संसद तक जबरदस्त सुनाई पड़ी और मात्र 6 वर्ष में सन् 1911 में बंगाल विभाजन रद्द कर दिया ।
  • अंग्रेजी शासन के विरुद्ध उत्पन्न हुई चेतना की यह उल्लेखनीय विजय थी ।

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रश्न 2.
उग्र क्रांतिकारी आंदोलन के उदय और विकास का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
भारत में क्रांतिकारी प्रवृत्ति की शुरूआत वासुदेव बलवंत फड़के ने की थी ।

  • इसके बाद चाफेकर बंदू, वीर सावरकर, बारीन्द्रनाथ घोष, खुदीराम प्रफुल चाकी, रामप्रसाद बिस्मिल, असफाक उल्लाखाँ, चंद्रशेखर आजाद, वीर भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव, बटुकेश्वर दत्त आदि जुड़ते गये ।
  • उग्र क्रांतिकारी लड़ाई के सिपाही मात्र भूमि की स्वतंत्रता के लिए हँसते-हँसते बलिदान होने के तत्पर थे । वे प्राण दे सकते थे और आजादी के लिए प्राण ले भी सकते थे ।
  • भारत में महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब, बिहार, उड़ीसा, गुजरात, राजस्थान, मद्रास प्रांत, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में क्रांतिकारी प्रवृत्तियाँ फैली थी ।
  • इन प्रवृत्तियों में मित्रमेला सोसायटी, अभिनव भारत समाज, अनुशीलन समिति, अंजुमन-ए-मुहिल्लाने वतन, इण्डियन, पेट्रिओट्स एसोसिएशन आदि संस्थाएँ स्थापित करके क्रांतिकारी प्रवृत्तियों को गति दी ।

प्रथम दौर:

  • इस दौर में संध्या, युगांतर, नवशक्ति, वंदे मातरम्, केसरी, मराठा जैसे समाचारपत्रों ने योगदान दिया ।
  • अलीपुर हत्याकांड, हावड़ा हत्याकांड, ढ़ाका हत्याकांड, दिल्ली में वाइसराय हार्डिंग, अहमदाबाद में (13 नवंबर, 1909) वाईसराय मिन्टो पर बम फैंकने की घटनाएँ हुई ।

द्वितीय दौर:

  • सन् 1920 से 42 के दरम्यान ‘कांकरोली लूट, लाहौर हत्याकाण्ड, दिल्ली विधानसभा में बम फेंकना’ जैसी घटनाएँ हुई ।

प्रश्न 3.
असहयोग आन्दोलन के कार्यक्रमों और घटनाओं को बताकर उसके प्रभाव बताइए ।
उत्तर:
असहयोग आन्दोलन के कार्यक्रम और घटनाएँ:

  • आन्दोलन के प्रारंभ में महात्मा गाँधी ने अपनी ‘कैसरे हिन्द’ और रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने ‘नाईट हुड सम्मान’ आदि का त्याग किया । अन्य नेताओं ने भी पद त्याग किये ।
  • विद्यार्थियों ने अंग्रेजी विद्यालयों और कॉलेजों का त्याग किया, जगह-जगह पर विदेशी कपड़ें की होली जलाई ।
  • नवम्बर, 1921 में ड्युक ऑफ कैनाट, प्रिन्स ऑफ वेल्स के सम्मान का बहिष्कार किया ।
  • राष्ट्रीय विद्यालयों-कॉलेजों की स्थापना हुई, जिनमें काशी, बिहार, जामिया-मिलिया, गूजरात विद्यापीठ आदि ।
  • स्वदेशी के प्रचार-प्रसार से अंग्रेजों को भारी नुकसान हुआ । तिलक फण्ड में एक करोड़ रुपये खर्च हुए । भोपाल विद्रोह हुआ ।
  • आंदोलन को निष्फल करने के लिए सरकार ने दमन, अंधाधुंध लाठीचार्ज, गोलीबार, सामूहिक गिरफ्तारी और अमानवीय अत्याचार किया ।
  • 5 फरवरी, 1922 में चौरा-चौरी काण्ड के कारण गाँधीजी ने इस आन्दोलन को समेट लिया ।

आन्दोलन का महत्त्व:

  • इस आन्दोलन ने लोगों को अधिकारों के प्रति जागृत किया ।
  • भारत के लोगों में अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की भावना प्रबल हुई ।
  • सभी वर्गों में राजनैतिक जागृति उत्पन्न हुई । स्वराज्य के लिए उनमें भावना जागृत हुई ।
  • लोगों में लाठी, दण्ड, भय दूर हुआ । युवक और स्त्रियाँ भी राष्ट्रीय सेवा में आगे आई । कांग्रेस लोगों की संस्था बनी ।
  • देश में राष्ट्रीय शिक्षा देने की संस्थाएँ शुरू हुई । अंग्रेजी की जगह हिन्दी को महत्त्व दिया ।
  • राष्ट्रीय आन्दोलन अब शहरों और बुद्धिजीवियों तक सीमित न रहकर गाँव-गाँव और सामान्य जनता तक फैल गया ।

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

2. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

प्रश्न 1.
विदेशों में क्रांतिकारी प्रवृत्तियाँ:
उत्तर:
क्रांतिकारी रसोइये के बिस्तर में पिस्तौल भारत, इंग्लैंड से भेजते थे ।

  • मदनलाल धींगरा ने विलियम वायली की हत्या की थी ।
  • सन् 1907 में केलिफोर्निया में इंडियन इन्डिपेन्डन्स लीग की स्थापना हुई, उसके बाद लाला हरदयाल ने ‘गदर पार्टी’ नाम रखा ।
  • जर्मनी में चंपक रमण पिल्लाई ने ‘हिन्द राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल’ की रचना करके इराक को मुख्यालय बनाया ।
  • जर्मनी के स्टुअर्ट गार्ड शहर में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी परिषद’ में सर्वप्रथम मेडम कामा ने भारत का राष्ट्रध्वज फैराया ।
  • अफगानिस्तान में राजा महेन्द्रप्रतापसिंह की अध्यक्षता में कामचलाऊ स्वतंत्र सरकार की रचना की गई । इस सरकार ने रूस, ईरान, तुर्की आदि से सहायता प्राप्त की ।
  • रूस के क्रांतिवीर ट्रोटस्की ने भारत के क्रांतिवीरों को सभी तरह की सहायता देने का वचन दिया ।
  • बर्मा में सोहनलाल पाठक और सिंगापुर में परमानंद ने क्रांतिकारी प्रवृत्तियाँ चलायी ।
  • इसके अतिरिक्त कामागाटामारू और तोशामारू स्टीमरों की घटना ने क्रांतिकारियों को विदेशों में अंग्रेजों के विरुद्ध भावना जाग्रत करने में प्रेरणाशक्ति प्रदान की ।

प्रश्न 2.
रोलेक्ट एक्ट
उत्तर:
ब्रिटिश सरकार ने इंग्लैण्ड के कानून मंत्री रॉलेट की अध्यक्षता में 1919 में ‘रोलेक्ट एक्ट’ पास किया ।

  • यह कानून स्वातंत्र्य और वाणी की स्वतंत्रता को समाप्त करने तथा राष्ट्रवादियों – क्रांतिकारियों के दमन के लिए बनाया गया था ।
  • इस कानून के अंतर्गत मात्र संदेह होने पर किसी को भी बिना मुकदमा चलाए जेल में डाल देते थे ।
  • गाँधीजी ने इसे काला कानून, मोतीलाल नेहरु ने इसे दलील, अपील और वकील का अधिकार छीननेवाला कानून कहा ।
  • भारत में इसके विरोध में सभाएँ, जुलूस, प्रदर्शन और हड़तालें आयोजित की गयीं ।
  • 6 अप्रैल, 1919 के दिन गाँधीजी को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया ।
  • पंजाब में डॉ. सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू को गिरफ्तार किया गया ।

प्रश्न 3.
जलियाँवाला बाग हत्याकांड ।
उत्तर:
13 अप्रैल, 1919 के दिन अमृतसर के लोकप्रिय नेता डॉ. सत्यपाल और डॉ. किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में जलियावाला बाग में (बैशाखी के दिन) एक सभा का आयोजन किया गया ।

  • सेना के साथ जनरल डायर वहाँ पहुँचा, बिना किसी चेतावनी के उसने निर्दोष जनता पर गोलियों की वर्षा कर दी ।
  • बाग के चारों तरफ ऊँची दीवार, बीच में कुँआ और शंकरा रास्ता था, जिससे असंख्य लोग मारे गये ।
  • सरकारी विवरण के अनुसार 379 लोग मारे गये और 1200 घायल हुए जबकि कांग्रेस के अनुसार 1000 लोग मारे गए ।
  • ब्रिटिश सरकार ने जाँच के लिए हंटर कमीशन को बिठाया, जिसने अज्ञानता में हुई प्रमाणिक भूल के रूप में क्षम्य माना ।
  • हंटर को इंग्लैण्ड वापिस भेजकर तलवार और 2000 पाउण्ड से सम्मानित किया गया ।
  • सहयोग के भावी आन्दोलन की भूमिका इसी हत्याकाण्ड ने पूरी की ।

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रश्न 4.
स्वराज्य दल
उत्तर:
धारासभा में प्रवेश कर सरकार की अयोग्य नीतियों का विरोध करने के उद्देश्य से मुंशी चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरु ने स्वराज्य दल की स्थापना की थी।

  • नवम्बर, 1923 में आयोजित धारासभाओं के (केन्द्रीय और कुछ प्रांतों) चुनाव में स्वराज्य दल के उम्मीदवार चुनकर आने से स्पष्ट बहुमत मिला ।
  • केन्द्रीय धारासभा में दल के नेता के रूप में मोतीलाल नेहरु और बंगाल प्रांत के नेता के रूप में चितरंजनदास का चयन किया गया ।
  • धारासभा में सरकारी नीतियों का विरोध तथा जनता के प्रश्नों पर सरकार का ध्यान देने हेतु विवश किया ।
  • सन् 1925 के जून माह में चितरंजन दास का अवसान होने से ‘स्वराज्य दल’ कमजोर पड़ने लगा । सरकार का सहयोग देने के लिए इसके कई नेताओं ने ‘नेशनल दल’ की स्थापना की ।
  • सन् 1926 में मद्रास प्रांत के अलावा सभी प्रांतों में इस दल की भारी पराजय हुई और स्वराज्य दल की प्रतिष्ठा कम हुई ।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
बंगाल का विभाजन कब, किसने और क्यों किया ?
उत्तर:
बंगाल का विभाजन सन् 1905 में वाईसराय कर्जन ने किया था ।

  • उसने बहाना बनाया था कि बंगाल विशाल राज्य है, इसलिए इसमें प्रशासनिक कार्यक्षमता लाने के लिए उसे पूर्व बंगाल और पश्चिम बंगाल दो भागों में बाँटा गया है ।
  • जबकि भारत के अन्य राज्यों की अपेक्षा बंगाल राष्ट्रीय चेतना का केन्द्र बिन्दु था ।
  • राष्ट्रीय आंदोलन को वेग और विचार बंगाल से ही मिलतें । 1857 के आन्दोलन में यहाँ हिन्दु-मुस्लिम एक होकर लड़े थे ।
  • इस प्रकार फूट डालो और राज करों नीति अंग्रेजों की कूटनीति द्वारा कौमवाद को प्रोत्साहन देने के लिए बंगाल का विभाजन किया गया ।

प्रश्न 2.
गुजरात में हुए उग्र क्रांतिकारी आन्दोलन बताइए ।
उत्तर:
गुजरात में सशस्त्र क्रांति की भूमिका तैयार करने के सर्वप्रथम नेता श्री अरविंद घोष थे । उन्होंने क्रांति की योजना ‘भवानी मंदिर’ में बनाई।

  • यहाँ वे छोटूभाई, श्री अंबुभाई पुराणी, नर्मदा किनारे साकरिया स्वामी मिलें ।
  • वारीन्द्रकुमार बड़ोदरा, चरोत्तर, अहमदाबाद, महेसाणा के युवकों को क्रांति के रंग में रंगा ।
  • अहमदाबाद के रायपुर दरवाजे के बाहर क्रांतिकारियों ने वाईसराय मिन्टो की बग्धी पर बम फेंका था ।
  • गुजरात में देशी वनस्पति, दवाईयाँ, नहाने के साबून बनाने की विधियाँ, कसरत, गुलाब की कहानियाँ, कानून का संग्रह आदि शीर्षक से पुस्तकें प्रकाशित की गई ।
  • चांदोद-करनाली के पास ‘गगनाथ विद्यालय’ की स्थापना की गई । जिसमें अंदरूनी ढंग से क्रान्तिकारी प्रवृत्तियाँ चलती थी । गुजरात के अनेक युवक क्रांतिकारी प्रवृत्तियों में शामिल हुए ।

प्रश्न 3.
रोलेट एक्ट को गाँधीजी ने ‘काला कानून’ क्यों कहा ?
उत्तर:
यह कानून क्रांतिकारियों और राष्ट्रवादियों का दमन करने के उद्देश्य से बनाया गया था ।

  • व्यक्ति स्वतंत्रता और वाणी स्वातंत्र्य को समाप्त करने के लिए यह कानून बनाया गया था ।
  • इसलिए गाँधीजी ने इसे काला कानून कहा था ।

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रश्न 4.
असहयोग आन्दोलन क्यों स्थगित रखना पड़ा ?
उत्तर:
उत्तर प्रदेश के चौरा-चौरी (गोरखपुर जिले में) गाँव में 5 फरवरी, 1922 के दिन जनता के जुलूस पर पुलिस ने गोलियाँ चलाई थी ।

  • पुलिस की गोलियाँ समाप्त होने पर उसने अपने आपको थाने में बन्द कर दिया ।
  • उत्तेजित भीड़ ने पुलीस थाने को आग लगा दी थी जिससे 21 पुलिस कर्मी मारे गए । इस प्रकार इस आंदोलन में हिंसा आ गयीं ।
  • गाँधीजी ने कहा, ‘अहिंसा का मूल्य नहीं समझनेवाले लोगों के हाथ में सत्याग्रह का शस्त्र रखकर मैंने हिमालय जैसी भूलं की हैं ।’
  • ऐसा कहकर गाँधीजी ने असहयोग आंदोलन समेट लिया ।

प्रश्न 5.
स्वराज्य दल की प्रतिष्ठा किन कारणों से कम हई ?
उत्तर:
जून, 1925 में चितरंजन दास का अवसान होने से ‘स्वराज्य दल’ कमजोर पड़ा ।

  • कई सदस्य सरकार को सहयोग देतें तो कई ने ‘नेशनल दल’ नामक नया दल स्थापित किया ।
  • सन् 1926 के चुनाव में स्वराज्य पार्टी की भयंकर पराजय हुई इससे स्वराज्य दल की प्रतिष्ठा कम हुई ।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
बंगाल – विभाज लागू किये जानेवाले दिन को किस दिवस के रूप में जाना गया ?
(A) राष्ट्रीय शोक दिवस
(B) बंगभंग दिवस
(C) स्वतंत्रता दिवस
(D) तीनों में से एक भी नहीं
उत्तर:
(A) राष्ट्रीय शोक दिवस

प्रश्न 2.
किस सुधार ने मुस्लिमों को कौमी मतदान मंडल दिया ?
(A) मोन्ट-फर्ड
(B) इल्बर्ट बिल
(C) अगस्त-ऑफर
(D) मार्ले-मिन्टो
उत्तर:
(D) मार्ले-मिन्टो

प्रश्न 3.
गुजरात में स्वतंत्रता हेतु (सशस्त्र क्रांति) की भूमिका किसने तैयार की थी ?
(A) बारीन्द्रनाथ घोष
(B) छोटुभाई पुराणी
(C) अंबुभाई पुराणी
(D) अरविंद घोष
उत्तर:
(D) अरविंद घोष

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 4 भारत के राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रश्न 4.
विदेश की भूमि पर हिंदू का सूचित राष्ट्रध्वज सर्वप्रथम किसने फहराया ?
(A) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(B) राणा सरदारसिंह
(C) मैडम भिखाई कामा
(D) मदनलाल धींगरा
उत्तर:
(C) मैडम भिखाई कामा

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *