GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 भारत की सामाजिक समस्याएँ और चुनौतियाँ

   

Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 10 Social Science Chapter 20 भारत की सामाजिक समस्याएँ और चुनौतियाँ Textbook Exercise Important Questions and Answers.

भारत की सामाजिक समस्याएँ और चुनौतियाँ Class 10 GSEB Solutions Social Science Chapter 20

GSEB Class 10 Social Science भारत की सामाजिक समस्याएँ और चुनौतियाँ Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए:

प्रश्न 1.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण और विकास के लिए संवैधानिक प्रावधानों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के विकास और कल्याण के लिए संविधान में कुछ महत्त्वपूर्ण संशोधन किये गये है, जो निम्नानुसार है।
(अ) सामान्य व्यवस्थाएँ:
(1) संविधान आर्टिकल 15 के अनुसार : केवल धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान अथवा उसके किसी के आधार
(क) राज्य किसी भी नागरिक के प्रति भेदभाव नहीं रख सकता ।
(ख) दुकानों, रेस्टोरन्ट, होटलों और मनोरंजन के स्थान में प्रवेश पाने हेतु अथवा
(ग) कुँआ, तालाब, नहाने के घाट, रस्ताओं, सर्वांग अथवा अंशत: राज्य की ओर से मिलनेवाली अथवा सार्वजनिक जनता के उपयोग के लिए अर्पण किए गए स्थानों के उपयोग हेतु, कोई भी नागरिक पर किसी प्रकार की गैर लायकात, जवाबदारी, नियंत्रण अथवा शर्ते लागु नहीं हो सकती।

(2) आर्टिकल 29 के अनुसार :
(क) भारत के प्रदेश में अथवा उसके कोई भी भाग में रहनेवाले कोई भी नागरिक जो कोई विशिष्ट भाषा, लिपि या अपनी कह सके ऐसी संस्कृति रखता हो तो उसे ध्यान रखने का उसे अधिकार रहेगा और
(ख) केवल धर्म, जाति, भाषा या उसके किसी के द्वारा राज्य की ओर से मिलनेवाली अथवा द्वितीय सहाय से चलनेवाली शिक्षण की किसी भी संस्था में किसी भी नागरिक को प्रवेश मिलने से रोका नहीं जा सकता है ।

विशेष व्यवस्थाएँ:

  • आर्टिकल 46 में राज्य की नीति का एक महत्त्व का मार्गदर्शक सिद्धांत के अनुसार राज्य प्रजा के पिछडे विभागे और मुख्य रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का शैक्षणिक और आर्थिक हितों की जवाबदारी लेगा और सामाजिक अन्याय और सभी प्रकार के शोषण के सामने उसकी रक्षा करेगा ।
  • आर्टिकल 16(4) के अनुसार राज्य हस्तक की नोकरीओं का कुछ पीछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बराबर हुआ नहीं है । ऐसा राज्य को लगे तो उसके लिए जगह अथवा नियुक्तियाँ आरक्षित रखने की छुटछाट राज्य का अधिकार रहेगा ।
  • आर्टिकल 330, 332 और 334 के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए राज्य की विधानसभा और केन्द्र में लोकसभा में उसके लिए कुछ स्थान आरक्षित रखे गये है । केन्द्र में राज्य सभा में कोई स्थान आरक्षित नहीं रखी गयी है ।
  • ग्राम पंचायत और नगरपालिका में भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए कुछ स्थान आरक्षित रख्ने गये है ।
  • पंचवर्षीय योजनाओं के द्वारा अनेक कार्यक्रमों उसमें आर्थिक, शैक्षणिक, स्वस्थ्य रहने के लिए कानून की मदद के लिए की गयी
  • सरकारी नोकरीओं में उस जाति के उमेदवारों के लिए उम्र की तथा लायकात में कई छूटछाट दी गयी है ।
  • शैक्षणिक विकास के अर्थ में आश्रम स्कुल शुरू किये गये हैं।

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प्रश्न 2.
आतंकवाद के सामाजिक प्रभाव बताइए ।
उत्तर:
आतंकवाद समाज को विघटन की तरफ ले जाता है ।

  • आतंकवादी भय, लूटफाट, हिंसा जैसी प्रवृत्तियाँ करके लोगों में संदेह, भय उत्पन्न करते है । छोटे बालकों से वृद्धों पर इस भय.. का प्रभाव पड़ता है ।
  • आतंकवाद पीडित प्रदेशों में विद्यार्थियों के शिक्षण पर प्रभाव पड़ता है ।
  • आतंकवाद के कारण समाज के लोगों का एक-दूसरे पर विश्वास कम होता है । परस्पर भाईचारे की भावना घटती जाती है ।
  • कईबार सांप्रदायिक झगड़े उत्पन्न होते है और उनके परिणामस्वरूप समाज व्यवस्था छिन्न-भिन्न होती है । समाज में अव्यवस्था और अशांति उत्पन्न होती है ।
  • आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में लोग सामाजिक उत्सव उत्साह के साथ नहीं मनाते है जिसके परिणामस्वरूप लोगों के बीच का संबंध कट जाता है ।
  • एक-दूसरे गाँव-शहर, राज्य के बीच का अंतर व्यवहार कम हो जाता है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर लिखिए:

  • प्रश्न 1.
    सांप्रदायिकता को दूर करने के उपाय लिखिए ।
    उत्तर:
    सांप्रदायिकता को दूर करने के उपाय निम्नानुसार करने चाहिए:
  • सर्वप्रथम नागरिक और सरकारे सांप्रदायिक तत्त्वों के विरुद्ध सखतापूर्वक सामना करना पड़ेगा और उसे दूर करने के प्रयत्न करने पड़ेंगे ।
  • सांप्रदायिकता दूर करने का प्रभावशाली कार्य शिक्षा कर सकती है। हमारी शिक्षा के पाठ्यक्रमों में सभी धर्मों की अच्छी बातों को शामिल करना चाहिए । इसी तरह विद्यालयों में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थनाओं, सामाजिक पर्व मनाने जैसी प्रवृत्तियाँ बालकों में सभी धर्मों के प्रति आदरभाव उत्पन्न करते है ।
  • सांप्रदायिक विचार पर आधारित राजनैतिक दलों को मान्यता नहीं देनी चाहिए । चुनाव के लिए विशेष आचारसंहिता का पालन करवाना चाहिए ।
  • रेडियो, टी.वी., सिनेमा सामान्य नागरिक तक पहुँचने के श्रेष्ठ दृश्य-श्राव्य माध्यम है । उन्हें सर्वधर्म समभाव, सहिष्णुता का प्रसार करना चाहिए । राष्ट्रीय और राष्ट्रवाद को प्रोत्साहन मिले ऐसे कार्यक्रम प्रसारित करने चाहिए ।
  • धर्मगुरुओं और राजनेताओं को साथ मिलकर देश के विकास के लिए सांप्रदायिकता को समाप्त करने के प्रयत्न करने चाहिए ।
  • सांप्रदायिकता दूर हो इसके लिए युवाओं को आगे आना चाहिए । युवाओं में सांप्रदायिकता के स्थान पर बिन सांप्रदायिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो ऐसे प्रयत्न सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में होने चाहिए ।
  • धर्म, जाति, प्रांत, भाषा से ऊपर राष्ट्रहित, राष्ट्रगौरव है ऐसी समझ लोगों को बाँधे रखती है और वह राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता को पोषित करती है ।

प्रश्न 2.
अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास के लिए संवैधानिक प्रावधानों का परिचय दीजिए ।

प्रश्न 3.
आतंकवाद के आर्थिक प्रभाव समझाइए !
उत्तर:
आतंकवाद के परिणामस्वरूप व्यापार-उद्योगों के लिए प्रोत्साहक वातावरण का निर्माण नहीं होता । जिससे प्रदेशों के व्यापार उद्योगों का विकास रूक जाता है ।

  • व्यापार-उद्योग पर गंभीर प्रभाव पड़ने से लोगों का व्यापार धंधे के लिए स्थलांतर करना पड़ता है ।
  • कुछ आतंकवादी संगठन पूँजीपतियों, उद्योगपतियों, कर्मचारियों, व्यापारियों को डर दिखाकर धन वसूल करते है ।
  • आतंकवादी नशीले पदार्थों की तस्करी और काले धन जैसे असामाजिक कार्य करते है जिससे देश में सामाजिक, आर्थिक समस्याएँ उत्पन्न होती है ।
  • आतंकवादी रेलवे, रेडियो स्टेशनों, रास्तों, पुलों, सरकारी संपत्तियों आदि को नुकसान पहुंचाते है, जिससे इनके पुनः स्थापन के
    करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते है ।
  • सरकार को सलामती और सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते है, जिससे समाजउपयोगी विकास कार्य कम होते है ।
  • आतंकवाद के परिणामस्वरूप राज्य और राष्ट्र के परिवहन उद्योग, पर्यटन उद्योग को आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है ।

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3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

प्रश्न 1.
आतंकवाद और विद्रोह के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:

विद्रोह आतंकवाद
(1) विद्रोह राष्ट्रीय समस्या है । (1) आतंकवाद वैश्विक समस्या है ।
(2) विद्रोह अपनी सरकार के विरुद्ध एक प्रादेशिक फलक पर फैला होता है । (2) आतंकवाद अपने अथवा अन्य देश की सरकार के विरुद्ध होता है । यह अंतर्राष्ट्रीय फलक पर फैला होता है ।
(3) यह स्थानीय लोगों के सहयोग से चलता है । (3) इसे स्थानिय लोगों का सहयोग मिलता भी है नहीं भी मिलता है।
(4) विद्रोह से प्रभावित राज्यों या प्रदेशों का विकास रूक जाता है । (4) आतंकवाद से प्रभावित राष्ट्रों का विकास रूक जाता है ।

प्रश्न 2.
नक्सलवादी आंदोलन की संक्षिप्त जानकारी दीजिए ।
उत्तर:
चीन में माओं के नेतृत्व तले हुई क्रांति से प्रेरित होकर कुछ नक्सलियों ने विद्रोही प्रवृत्ति अपनाई है। इस उग्रवादी विचारधारा को नक्सलवाद कहा जाता है, क्योंकि इसका उद्भव पश्चिम बंगाल के नक्सलवादी गाँव से हुआ था। 1967 में पश्चिम बंगाल से शुरू होनेवाली इस विद्रोही प्रवृत्ति का बाद में उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, केरल, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश तक विकास हुआ है । इस प्रवृत्ति में पीपल्स वॉर ग्रुप (P.W.G.) और माओवादी साम्यवादी केन्द्र (M.C.C.) दो मुख्य संगठन है ।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

प्रश्न 1.
भारत की सामाजिक संरचना किस बात पर आधारित है ?
(A) सांप्रदायिकता
(B) जातिवाद
(C) भाषावाद
(D) समूहवाद
उत्तर:
(B) जातिवाद

प्रश्न 2.
अनुसूचित जाति निश्चित करने के लिए किस बात को आधार माना जाता है ?
(A) अस्पृश्यता
(B) धर्म
(C) संप्रदाय
(D) इनमें से एक भी नहीं
उत्तर:
(A) अस्पृश्यता

प्रश्न 3.
संविधान के किस आर्टिकल के अनुसार अस्पृश्यता समाप्त की गयी है ?
(A) आर्टिकल-25
(B) आर्टिकल-29
(C) आर्टिकल-17
(D) आर्टिकल-46
उत्तर:
(C) आर्टिकल-17

प्रश्न 4.
निम्न में से कौन-सी समस्या वैश्विक है ?
(A) जातिवाद
(B) सांप्रदायिकता
(C) भाषावाद
(D) आतंकवाद
उत्तर:
(D) आतंकवाद

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प्रश्न 5.
सही जोड़ा बताइए ।

राज्य विद्रोही संगठन
1. त्रिपुरा (A) उल्फा
2. मणिपुर (B) एन.एस.सी.एन.
3. नागालैण्ड (C) ए.टी.टी.एम.
4. असाम (D) के.एन.एफ.

(A) 1-A, 2-D, 3-C, 4-B
(B) 1-C, 2-D, 3-A, 4-B
(C) 1-C, 2-D, 3-B, 4-A
(D) 1-C, 2-B, 3-D, 4-A
उत्तर:
(C) 1-C, 2-D, 3-B, 4-A

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