GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 3 नूतन विश्व की तरफ प्रयाण

   

Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 9 Social Science Chapter 3 नूतन विश्व की तरफ प्रयाण Textbook Exercise Important Questions and Answers.

नूतन विश्व की तरफ प्रयाण Class 9 GSEB Solutions Social Science Chapter 3

GSEB Class 9 Social Science नूतन विश्व की तरफ प्रयाण Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के मुद्दासहित उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
वैश्विक महामंदी (1929-32) के उदय का प्रभाव बताइए ।
उत्तर:
सन् 1929 में एकाएक अमेरिका के ‘बालस्ट्रीट’ शेयर बाजार में बहुत ही अधिक मात्रा में शेयर बेचने से शेयर की कीमत अत्यंत भयानक रूप से घटने लगी इसलिए विवेचकों ने उसे ‘बालस्ट्रीट संकट’ के नाम से पहचाना था ।

  • 24 अक्टूबर, 1929 में उत्पन्न इस संकट ने पूरे विश्व की आर्थिक स्थिति को डामाडोल कर डाला । इससे वैश्विक महामंदी का सृजन हुआ ।
  • विश्व के अधिकांश राष्ट्र इस महामंदी के प्रभाव में आ गए थे ।
  • ग्रेट ब्रिटन जैसी महासत्ता को भी अपने प्रचलित मुद्रा पाउण्ड के समक्ष आरक्षित रूप से रखे जाते स्वर्ण के जत्थे की नीति त्यागनी पड़ी ।
  • इसका प्रभाव विश्व के अन्य राष्ट्रों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार-उद्योग पर पड़ा ।
  • अमेरिका जैसे समृद्ध राष्ट्रों को आर्थिक स्थिति की अवगणना करके भी कठोर नियंत्रण लादना पड़ा ।
  • विश्व व्यापार घटकर आधा हो गया । इससे द्वितीय विश्वयुद्ध की रूपरेखा का सृजन हुआ ।

GSEB Solutions Class 9 Social Science Chapter 3 नूतन विश्व की तरफ प्रयाण

प्रश्न 2.
द्वितीय विश्वयुद्ध के लिए उत्तरदायी तत्त्वों की चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
द्वितीय विश्वयुद्ध के लिए निम्न कारक उत्तरदायी थे:
(1) उग्र राष्ट्रवाद: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी, जापान और इटली में उग्र राष्ट्रवाद का उदय हुआ । इससे विश्व शांति को खतरा उत्पन्न हुआ । दूसरे विश्वयुद्ध के आसार बनने लगे ।

(2) गुटबंदियाँ: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद फ्रांस को हमेशा जर्मनी का भय होने से बेल्जियम, पौलेण्ड, रूमानिया तथा जेकोस्लोवेकिया के साथ मैत्री समझौता किया । इसी प्रकार, जर्मनी, जापान, रूस आदि देशों ने गुप्त संधियाँ की थी । जिससे विश्व में भय का साम्राज्य खड़ा हो गया था ।

(3) सैन्यवाद: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद युरोप के राष्ट्रों में शस्त्रीकरण की स्पर्धा उत्पन्न हो गयी थी । रुस, जर्मनी, जैसे राष्ट्रों ने अनिवार्य सेना प्रशिक्षण शुरू किया । इंग्लैण्ड और फ्रांस द्वारा भी अपनी शस्त्र-सामग्री में वृद्धि किये जाने से द्वितीय विश्वयुद्ध के नगाड़े बजने लगे ।

(4) राष्ट्रसंघ की असफलता: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद विश्वशांति स्थापना हेतु राष्ट्रसंघ की रचना हुई थी । लेकिन उसके सदस्य अपने स्वार्थ हेतु उससे निकलते गये । यह सर्वोपरी संस्था नहीं बन सकी । राष्ट्रसंघ गुटबंदी को भी नहीं रोक सका ।

(5) वर्सेल्स की संधि: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी पर वर्सेल्स की संधि थोपी गयी थी । उस पर भयंकर युद्धदण्ड लादा गया । इस संधि से किसी न किसी प्रकार कई राष्ट्रों के साथ अन्याय हुआ था । इसलिए वर्सेल्स की संधि में ही द्वितीय विश्वयुद्ध का बीजारोपण हुआ था ।

(6) एडोल्फ हिटलर की साम्राज्यवादी नीति : हिटलर उग्र साम्राज्यवादी मानसिकता रखता था, इसलिए वह किसी भी मूल्य पर जर्मनी की एकता, स्थिरता और समृद्धि चाहता था । उसने ऑस्ट्रिया, जेकोस्लोवेकिया, लिथुआनिया पर अधिकार जमाया । हिटलर की यह साम्राज्यवादी नीति द्वितीय विश्वयुद्ध का कारण बनी ।

(7) तात्कालिक कारण : 1 सितंबर, 1939 की प्रातः काल जर्मनी ने पोलेण्ड पर आक्रमण किया । जिससे द्वितीय विश्वयुद्ध का आरंभ हुआ । ब्रिटेन, फ्रांस ने जर्मनी को तत्काल युद्ध बंद करने की चेतावनी दी परंतु जर्मनी ने उसकी उपेक्षा की इसलिए ब्रिटेन और फ्रांस युद्ध में कूद पड़े । परिणामस्वरूप पूरे विश्व में द्वितीय विश्वयुद्ध की ज्वालाएँ फैली ।

प्रश्न 3.
द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणामों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर:
11 अगस्त, 1945 के दिन जापान के शरणागति स्वीकार करते ही द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हुआ था । इसके निम्नलिखित परिणाम निकले:

(1) आर्थिक परिणाम: महायुद्ध में भयंकर विनाश हुआ था । इस युद्ध में भाग लेनेवाले देशों का बेसुमार खर्च हुआ था । इस महायुद्ध
में राष्ट्रों ने उपयोगी शस्त्र-सामग्री के उत्पादन को महत्त्व दिया । इसलिए जीवन की आवश्यकता की वस्तुओं का अभाव खड़ा हुआ, उत्पादन घटा, अवमूल्यन बढ़ा, लोगों की रोजी-रोटी की कमी पड़ने लगी । लोगों का आर्थिक जीवन अस्तव्यस्त हो गया । परिणामस्वरूप विश्व के राष्ट्रों में महामंदी और विश्व राजनीति एवं अर्थव्यवस्था में युगप्रवर्तक परिवर्तन हुए थे ।

(2) चीन में साम्राज्यवाद की स्थापना: द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जापान की शक्ति क्षीण हो गयी थी । इस परिस्थिति का चीन पर से उसका प्रभाव घट गया । उसका लाभ लेकर चीन में माओ-त्से-तुंग के नेतृत्व में चीन में हुई क्रांति के अंत में साम्यवाद की स्थापना हुई ।

(3) शीत युद्ध: द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व अमेरिका और रूस इन दो महासत्ताओं में विभाजित हो गया था । इन दोनों सत्ता गुटों ने एकदूसरे के मत का खण्डन करना शुरू कर दिया और अपने-अपने मत का समर्थन के लिए वैचारिक (वाक् युद्ध) को अपनाया । इससे शीत युद्ध की स्थिति का सृजन हुआ । इससे अनेक बार तृतीय विश्वयुद्ध होते-होते बच गया ।

(4) संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद विश्व शांति की स्थापना हेतु राष्ट्रसंघ की स्थापना की गयी थी । लेकिन वह अपने कार्यों में असफल रहा और दूसरा विश्वयुद्ध हुआ । अत: राष्ट्रसंघ को समाप्त कर संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना की गयी ।

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2. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना की प्रक्रिया का वर्णन करो ।
उत्तर:
राष्ट्रसंघ अपने कार्यों में असफल रहा और द्वितीय विश्वयुद्ध हुआ ।

  • अमेरिकन राष्ट्रपति रुजवेल्ट और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चर्चिल ने एटलांटिक महासागर के एक जहाज पर आठ मुद्दों का एक दस्तावेज तैयार किया, जो एटलांटिक दस्तावेज के रूप में जाना गया ।
  • दस्तावेज में प्रत्येक राष्ट्र की स्वतंत्रता और सार्वभौमत्व, शांति, सुरक्षा, सामाजिक और आर्थिक कल्याण और निःशस्त्रीकरण के विषयों का समावेश किया गया ।
  • अक्टूबर, 1943 में अमेरिका, ब्रिटन, रूस और चीन के विदेशमंत्रीयों ने विश्व शांति के लिए मास्को घोषणा की थी । .
  • सितंबर, 1944 में वॉशिंग्टन में 50 देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र का दस्तावेज तैयार किया ।
  • 24 अक्टूबर, 1945 को 51 देशों ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना की घोषणा की थी ।

प्रश्न 2.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के अंग के रूप में आर्थिक-सामाजिक समिति के बारे में बताइए ।
उत्तर:
इस समिति को इकोसोस भी कहा जाता है । इसमें 54 सदस्य है ।

  • यह समिति अपने निवृत्त होनेवाले 2/3 सदस्यों को 3 वर्षों के लिए नियुक्त करती है ।
  • यह समिति धर्म, जाति या प्रादेशिक भेदभाव के बिना विश्व के राष्ट्रों के लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा लाने का कार्य करती है ।

3. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

प्रश्न 1.
संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्रसंघ के सभी प्रतिनिधियों से बना अंग सामान्य सभा है ।

  • इस सभा में प्रत्येक सदस्य देश के 5 प्रतिनिधि होते हैं परंतु प्रत्येक राष्ट्र का केवल एक ही मत माना जाता है ।

कार्य:

  • अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों से संबंधित किसी भी विषय पर चर्चा, सलाह, परामर्श या सिफारिश कर सकती है ।
  • महामंत्री प्रति वर्ष जो बजट प्रस्तुत करता है, उसे मंजूर करना तथा उसके खर्च की राशि का आबंटन करना ।
  • राष्ट्रों के आर्थिक विकास मानव अधिकार, निःशस्त्रीकरण, अंतर्राष्ट्रीय प्रश्नों का निराकरण लाने का प्रयास करती है ।
  • सामान्य निर्णयों को 2/3 बहुमति से मंजूर करती हैं ।

प्रश्न 2.
सुरक्षा समिति
उत्तर:
इस समिति में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन पाँच स्थाई सदस्य है । अन्य 10 सदस्यों को 2 वर्षों के लिए चुना जाता है ।

  • इस समिति को अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अनेक विशाल सत्ताएँ दी गई है ।
  • राष्ट्रों के किसी भी झगड़ें का निपटारा करने के लिए समझौता जाँच और मध्यस्थता द्वारा शांतिमय तरीकों से प्रश्नों को हल करती है ।
  • किसी भी अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने के लिए पाँच स्थायी सदस्यों में से कोई भी एक मत स्वीकारात्मक न हो तो उस विषय पर निर्णय नहीं लिया जा सकता है ।
  • पाँच स्थाई सदस्यों को निषेधाधिकार (Veto Power) की सत्ता हैं । रूस ने Veto Power का सबसे अधिक उपयोग किया है ।

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4. एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
द्वितीय विश्वयुद्ध होने के लिए कौन-सी संधि उत्तरदायी थी ?
उत्तर:
द्वितीय विश्वयुद्ध होने के लिए वर्सेल्स की संधि उत्तरदायी थी ।

प्रश्न 2.
जर्मन का तानाशाह कौन था ?
उत्तर:
जर्मन का तानाशाह हिटलर था ।

प्रश्न 3.
इटली के तानाशाह का नाम लिखिए ।
उत्तर:
इटली का तानाशाह मुसोलिनी था ।

प्रश्न 4.
द्वितीय विश्वयुद्ध का तात्कालिक कारण बताइए ।
उत्तर:
द्वितीय विश्वयुद्ध का तात्कालिक कारण 1 सितंबर, 1939 को जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण था ।

प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्रसंघ (UNO) का मुख्य कार्यलय कहाँ हैं ?
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्य कार्यालय न्यूयॉर्क में है ।

प्रश्न 6.
शीत युद्ध से क्या आशय है ?
उत्तर:
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व दो गुटों में बँट गया था । दोनों गुट एकदूसरे के मत का खंडन और अपने मत के समर्थन के लिए जिन वाकयुद्धों और विचार युद्धों को अपनाया उसे शीत युद्ध कहा गया ।

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5. निम्नलिखित विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
जर्मनी में नाजीवाद का स्थापक कौन था ?
(A) हिटलर
(B) मुसोलिनी
(C) लेनिन
(D) कोई भी नहीं
उत्तर:
(A) हिटलर

प्रश्न 2.
विश्व के मानव के स्वास्थ्य सुधार का कार्य कौन करता है ?
(A) WHO
(B) IMF
(C) FAO
(D) ILO
उत्तर:
(A) WHO

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से सही विधान खोजकर लिखिए ।
(A) जर्मनी में फासीवाद का उदय हुआ था ।
(B) मुसोलिनी जर्मनी का नेता था ।
(C) नाजीदल का प्रतीक लकड़ी का बोझ और कुल्हाड़ी ।
(D) मुसोलिनी ने इटली में फासीवाद की स्थापना की ।
उत्तर:
(D) मुसोलिनी ने इटली में फासीवाद की स्थापना की ।

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