GSEB Solutions Class 8 Hindi पुनरावर्तन 1 Sem 2

   

Gujarat Board GSEB Solutions Class 8 Hindi Chapter पुनरावर्तन 1 Sem 2 Textbook Exercise Important Questions and Answers, Notes Pdf.

Gujarat Board Textbook Solutions Class 8 Hindi पुनरावर्तन 1 Sem 2

प्रश्न 1.
अपने मित्र को निबंधलेखन प्रतियोगिता में प्रथम आने पर बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर :
16, शुभम्,
सरदार मार्ग,
राजकोट।
14 – 11 – 2013
प्रिय मित्र राजन्

कल दीदी के पत्र से ज्ञात हुआ कि अन्तर्विद्यालय निबंध प्रतियोगिता में तुम्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई।

भाषा के प्रश्नपत्र हल करने में तुम हमेशा अव्वल रहे हो। न जाने कितनी सूक्तियाँ और काव्य-पंक्तियाँ तुम्हें कंठस्थ हैं। इनका उपयोग कर निबंध-लेखन में तुम सदा ही बाजी मार लेते हो। इस प्रतियोगिता में भी तुमने इसी कलाकौशल का प्रयोग किया होगा।

सचमुच, तुम्हारी इस योग्यता की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम हैं। हो सके तो अपना यह निबंध फेक्स से भेज देना।

पुनः बधाई के साथ।
तुम्हारा मित्र,
चतुरानन शाह।

GSEB Solutions Class 8 Hindi पुनरावर्तन 1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों का लिंग परिवर्तन करके उन्हें वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(1) दास : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(2) धोबी : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(3) स्वामी : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(4) विद्वान : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(5) बाबू : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(6) बूढ़ा : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(7) शेर : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(8) पंडित : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(9) भैंस : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(10) लेखक : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
उत्तर :
(1) दास-दासी
वाक्य : मीरा अपने को कृष्ण की दासी मानती थीं।

(2) धोबी – धोबिन
वाक्य : धोबिन कपड़े इस्त्री करने के लिए ले गई है।

(3) स्वामी – स्वामिनी
वाक्य : उसे स्वामिनी होने का गर्व नहीं है।

(4) विद्वान – विदुषी
वाक्य : सरोजिनी नायडू एक विदुषी महिला थीं।

(5) बाबू – बबुआइन
वाक्य : बबुआइन बिना बुलाए आ गई हैं।

(6) बूढ़ा – बुढ़िया
वाक्य : बुढ़िया के फैसले को सब ने मान लिया।

(7) शेर – शेरनी
वाक्य : शेरनी अपने बच्चों के साथ खेल रही है।

(8) पंडित – पंडिताइन
वाक्य : पंडिताइन ने प्रश्नों के सही उत्तर दिए।

(9) भैंस-भैंसा
वाक्य : भैंसा हल जोतने के काम आता है।

(10) लेखक-लेखिका
वाक्य : दीदी लेखिका बनना चाहती हैं।

GSEB Solutions Class 8 Hindi पुनरावर्तन 1

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का वचन परिवर्तन करके उन्हें वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(1) गमला : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(2) माला : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(3) कहानी : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(4) तिथि : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(5) डिबिया : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(6) चूड़ी : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(7) सहेली : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(8) सेना : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(9) चीज़ : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
(10) वस्तु : …………………………………..
वाक्य : …………………………………..
उत्तर :
(1) गमला – गमले
वाक्य : गमले एक कतार में लगा दिए हैं।

(2) माला- मालाएँ
वाक्य : ये मालाएँ बहुत अच्छी हैं।

(3) कहानी – कहानियाँ
वाक्य : आपने दिलचस्प कहानियाँ सुनाई।

(4) तिथि – तिथियाँ
वाक्य : कुछ तिथियाँ बहुत शुभ होती हैं।

(5) डिबिया – डिबियाँ
वाक्य : ये डिबियाँ खाली हैं।

(6) चूड़ी – चूड़ियाँ
वाक्य : मुझे हरी चूड़ियाँ अच्छी लगती हैं!

(7) सहेली – सहेलियाँ
वाक्य : दीदी ने अपने जन्म-दिवस पर सहेलियों को बुलाया।

(8) सेना – सेनाएँ
वाक्य : दोनों ओर की सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार हैं।

(9) चीज़ – चीजें
वाक्य : आजकल सभी चीजें महंगी हो गई हैं।

(10) वस्तु – वस्तुएँ
वाक्य : पिताजी कुछ वस्तुएँ लाना भूल गए।

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प्रश्न 4. निम्नलिखित इकाइयों को पढ़कर उनमें से आपको जीवन में उतारने जैसी कौन-कौन-सी बातें अच्छी लगीं? उनकी सूची तैयार कीजिए।
इकाई 4 : कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री –
इकाई 3 : मत बाँटो इंसान को

कुछ राष्ट्रीय नेताओं के जीवन और कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुस्तकालय का । उपयोग करके हस्तलिखित अंक तैयार कीजिए।
उत्तर :
इकाई 3 : मत बाँटो इंसान को

  • सभी मनुष्यों में समानता की भावना।
  • एकता की भावना।
  • मिल-जुलकर रहना।

इकाई 4 : कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री

  • भाग्य के बजाय अपने चिंतन और कर्म पर विश्वास रखना।
  • बिना फल की आशा के कर्म करना।
  • अपने उद्देश्य के प्रति दृढ़ आस्था रखना, उस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कर्म करना तथा उस कर्म के प्रति संपूर्ण समर्पण भाव होना।
  • विनम्रता, सादगी और सरलता।
  • आत्मसंयम।
  • अधिकारों की अपेक्षा कर्तव्य पर अधिक ध्यान देना।

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